Aarti Bajrangbali Ki | Aarti Hanuman Ji Ki 2024

Aarti Hanuman Ji Ki :- हनुमान जी की आरती करने के कई धार्मिक और आध्यात्मिक फायदे माने जाते हैं, जो निम्नलिखित हैं:

  1. आशीर्वाद प्राप्ति: हनुमान जी की आरती करने से भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है, जो उन्हें जीवन में सकारात्मक परिणाम और सफलता की दिशा में मदद करता है।
  2. भक्ति में स्थिरता: हनुमान जी की आरती का पाठ करने से भक्त की भक्ति में स्थिरता आती है और उसका मानसिक स्थिति सकारात्मक रूप से प्रभावित होता है।
  3. आत्मा शुद्धि: हनुमान जी की आरती(Aarti Bajrangbali Ki) का पाठ करने से भक्त की आत्मा शुद्धि होती है और उसे ध्यान लगाने में सहायता मिलती है।
  4. रोग निवारण: हनुमान जी की आरती का नियमित रूप से पाठ करने से शारीरिक और मानसिक रोगों का उपचार हो सकता है और व्यक्ति स्वस्थ रह सकता है।
  5. बुराई से मुक्ति: हनुमान जी की आरती से भक्त बुराई, बुरे दृष्टि, और नकारात्मक शक्तियों से मुक्त हो सकता है, जिससे उसका जीवन प्रशस्त और सकारात्मक होता है।
  6. कष्ट निवारण: हनुमान जी की आरती का पाठ करने से भक्त को जीवन में आने वाले कष्टों और चुनौतियों से निवृत्ति हो सकती है।
  7. सुरक्षा और सफलता: हनुमान जी की आरती का पाठ करने से भक्त को सुरक्षा, समृद्धि और सफलता में मदद मिलती है, और उसका जीवन समृद्धि से भरा रहता है।

इन फायदों के अलावा भी अनेक लोग हनुमान जी की आरती का पाठ करते हैं और उन्हें अपने जीवन में सकारात्मक परिणाम महसूस होते हैं।

Aarti Hanuman Ji Ki in English

Aarti Hanuman Ji Ki 2024
Aarti Hanuman Ji Ki 2024
Aarti Keejai Hanuman Lalla Ki,
Dushtdalan Raghunath Kala Ki
 Jake bal se girivar Kanpai,
Rogdosh Bhaye nikat na Janke
 Anjani putra maha baldahi,
 Santan ke prabhu sada sahai
 De veera Raghunath pathaye,
 Lanka jari Siya sudhi laye
 Lanka so kot samudra si khai,
 Jat Pavansut var na lai
 Lanka jari asur sab mare,
Siyaramji ke kaaj sanvare
Lakshman murchit pare dharni pai,
 Aani Sanjivan pran uvare
Paithi patal tori yamkare,
Ahiravan ke bhuja ukhare
Bhahe bhuja sub asurdal mare,
Dahine bhuja santjan tare
Sur nar munijan aarti utare,
Jai Jai Jai Hanumanji uchare
Kanchan thar kapur lau chhai,
Aarti karat Anjani mai
Jo Hanumanji ke aarti gavai,
So vaikunt amarpad pavai
Lanka vidhvans kiye Raghrahi,
Tulsidas prabhu kirti gahi.

 

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Aarti Hanuman Ji Ki in Hindi

 

आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके॥
अंजनि पुत्र महा बलदाई। सन्तन के प्रभु सदा सहाई॥
आरती कीजै हनुमान लला की।

 

 

दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारि सिया सुधि लाए॥
लंका सो कोट समुद्र-सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई॥
आरती कीजै हनुमान लला की।

 

 

लंका जारि असुर संहारे। सियारामजी के काज सवारे॥
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे। आनि संजीवन प्राण उबारे॥
आरती कीजै हनुमान लला की।

 

 

पैठि पाताल तोरि जम-कारे। अहिरावण की भुजा उखारे॥
बाएं भुजा असुरदल मारे। दाहिने भुजा संतजन तारे॥
आरती कीजै हनुमान लला की।

 

 

सुर नर मुनि आरती उतारें। जय जय जय हनुमान उचारें॥
कंचन थार कपूर लौ छाई। आरती करत अंजना माई॥
आरती कीजै हनुमान लला की।

 

 

जो हनुमानजी की आरती गावे। बसि बैकुण्ठ परम पद पावे॥
आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥

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