Shree Hanuman Chalisa PDF in Hindi 2024 [श्री हनुमान चालीसा]

Shree Hanuman Chalisa PDF in Hindi: दोस्तों, क्या आप हनुमान चालीसा डाउनलोड करना चाहते हैं? हमने आपके लिए Hanuman Chalisa का लिंक यहां PDF फॉर्मेट में दिया हुआ है।

आप अपनी इच्छानुसार हनुमान चालीसा का पाठ बड़े आनंद से करें। यह चालीसा खुद में कहती है कि जो व्यक्ति प्रतिदिन 100 बार हनुमान चालीसा पढ़ता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं।

हनुमान जी नौ चिरंजीवियों में से एक हैं, जिसका अर्थ है कि वे अब भी धरती पर हैं। उन्हें कलयुग का राजा भी कहा जाता है क्योंकि राम भगवान ने उन्हें कलयुग के अंत तक धरती पर रहने का आदेश दिया था।

हनुमान चालीसा गोस्वामी तुलसीदास द्वारा लिखी गई एक सिद्ध चालीसा है, इसलिए आप ध्यान लगाकर इसे पढ़ें या बिना ध्यान लगाए भी आपको फल मिलेगा।

हमारी ‘Sri Hanuman Chalisa PDF in Hindi’ को डाउनलोड करने के लिए यहां जाएं।

Hanuman Chalisa PDF in Hindi

यहां पर हमने हनुमान चालीसा का पाठ हिंदी में PDF रूप में उपलब्ध करवाया है। आप इसे आजमा सकते हैं और इसका उपयोग कर सकते हैं।

किसी भी लिंक पर क्लिक करके PDF डाउनलोड कर सकते हैं। हमने यहां विभिन्न प्रकार के PDF जोड़े हैं – एक बिना अर्थ के, एक अर्थ सहित, और एक फ़ोटो के साथ। जो भी आपको पसंद आए, आप उसे मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

 

PDF Name Hanuman Chalisa pdf in hindi without meaning
No. of Pages 5
PDF Size 161 kb
Language Hindi

 

 

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PDF Name Hanuman Chalisa pdf in hindi with meaning
No. of Pages 20
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Language Hindi

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PDF Name Hanuman Chalisa pdf in hindi with images
No. of Pages 15
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Language Hindi

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Hanuman Chalisa in Writing

यहां पर हमने पूरी full hanuman chalisa text format में लिखा है. आप hanuman chalisa pdf के साथ ये text format भी पढ़ सकते हैं या इस्तेमाल कर सकते हैं.

दोहा

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि ।

बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि ॥

बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन कुमार ।

बल बुधि विद्या देहु मोहि, हरहु कलेश विकार ॥

चौपाई

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर
जय कपीस तिहुँ लोक उजागर॥

राम दूत अतुलित बल धामा
अंजनि पुत्र पवनसुत नामा॥

महाबीर बिक्रम बजरंगी
कुमति निवार सुमति के संगी॥

कंचन बरन बिराज सुबेसा
कानन कुंडल कुँचित केसा॥

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजे
काँधे मूँज जनेऊ साजे॥

शंकर सुवन केसरी नंदन
तेज प्रताप महा जगवंदन॥

विद्यावान गुनी अति चातुर
राम काज करिबे को आतुर॥

प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया
राम लखन सीता मन बसिया॥

सूक्ष्म रूप धरि सियहि दिखावा
विकट रूप धरि लंक जरावा॥

भीम रूप धरि असुर सँहारे
रामचंद्र के काज सवाँरे॥

लाय सजीवन लखन जियाए
श्री रघुबीर हरषि उर लाए॥

रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई॥

सहस बदन तुम्हरो जस गावै
अस कहि श्रीपति कंठ लगावै॥

सनकादिक ब्रह्मादि मुनीसा
नारद सारद सहित अहीसा॥

जम कुबेर दिगपाल जहाँ ते
कवि कोविद कहि सके कहाँ ते॥

तुम उपकार सुग्रीवहि कीन्हा
राम मिलाय राज पद दीन्हा॥

तुम्हरो मंत्र बिभीषण माना
लंकेश्वर भए सब जग जाना॥

जुग सहस्त्र जोजन पर भानू
लील्यो ताहि मधुर फ़ल जानू॥

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माही
जलधि लाँघि गए अचरज नाही॥

दुर्गम काज जगत के जेते
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते॥

राम दुआरे तुम रखवारे
होत ना आज्ञा बिनु पैसारे॥

सब सुख लहैं तुम्हारी सरना
तुम रक्षक काहु को डरना॥

आपन तेज सम्हारो आपै
तीनों लोक हाँक तै कापै॥

भूत पिशाच निकट नहि आवै
महाबीर जब नाम सुनावै॥

नासै रोग हरे सब पीरा
जपत निरंतर हनुमत बीरा॥

संकट तै हनुमान छुडावै
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै॥

सब पर राम तपस्वी राजा
तिनके काज सकल तुम साजा॥

और मनोरथ जो कोई लावै
सोई अमित जीवन फल पावै॥

चारों जुग परताप तुम्हारा
है परसिद्ध जगत उजियारा॥

साधु संत के तुम रखवारे
असुर निकंदन राम दुलारे॥

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता

अस बर दीन जानकी माता॥

राम रसायन तुम्हरे पासा
सदा रहो रघुपति के दासा॥

तुम्हरे भजन राम को पावै
जनम जनम के दुख बिसरावै॥

अंतकाल रघुवरपुर जाई
जहाँ जन्म हरिभक्त कहाई॥

और देवता चित्त ना धरई
हनुमत सेई सर्व सुख करई॥

संकट कटै मिटै सब पीरा
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा॥

जै जै जै हनुमान गोसाईं
कृपा करहु गुरु देव की नाई॥

जो सत बार पाठ कर कोई
छूटहि बंदि महा सुख होई॥

जो यह पढ़े हनुमान चालीसा
होय सिद्ध साखी गौरीसा॥

तुलसीदास सदा हरि चेरा
कीजै नाथ हृदय मह डेरा॥

दोहा

पवन तनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप॥

Hanuman Chalisa पाठ क्यों करें 

दोस्तों, हनुमान चालीसा एक सिद्ध चालीसा है, इसे गोस्वामी तुलसीदास जी ने चालीसा में ही बताया है।

जो यह पढ़े हनुमान चालीसा
होय सिद्ध साखी गौरीसा”. 

जी हां, आपने सही समझा है. हनुमान चालीसा का पाठ करने से तात्पर्य है कि भगवान शंकर इसे स्वीकृति देते हैं और यह एक सिद्ध चालीसा है. तुलसीदास जी ने भी हनुमान चालीसा का महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और इसके प्रति अपनी अद्वितीय भक्ति को दिखाया है।

तुलसीदास जी की कथा भी बहुत ही रोचक है, जिसमें वह अपनी विश्वासी भक्ति के माध्यम से अकबर को हनुमान चालीसा के शक्ति का अहसास करा देते हैं। इस घटना से सिद्ध होता है कि हनुमान चालीसा का पाठ अद्वितीय शक्ति और सुरक्षा प्रदान कर सकता है।

 

संकट कटै मिटै सब पीरा
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा

यानी सारी समस्या कट जाती है, सारे रोग भाग जाते हैं हनुमान चालीसा का पाठ करने से.

दूसरा यह भी लिखा है

जो सत बार पाठ कर कोई, 
छूटहि बंदि महा सुख होई 

यानी जो व्यक्ति प्रतिदिन 100 बार hanuman chalisa का पाठ करेगा वह हर बंधन से छूट जाएगा और महान सुख को प्राप्त हो जाएगा.

Hanuman Chalisa करने के फायदे

For Celibacy – स्वप्नदोष से परेशान होने वाले व्यक्तियों के लिए ब्रह्मचर्य का पालन करना एक सुझाव है। इसके साथ ही हनुमान चालीसा का पाठ करना भी एक पौराणिक उपाय है जिसे कई लोग मान्यता देते हैं।

रोज़ सोने से पहले हनुमान चालीसा का ध्यानपूर्वक पाठ करने के बाद, हनुमान जी से वीर्य रक्षण की प्रार्थना करना एक मान्यता प्राप्त उपाय हो सकता है। यह एक आध्यात्मिक दृष्टि से वीर्य संरक्षण की कवच बन सकता है जो व्यक्ति को स्वप्नदोष से बचाए रखने में मदद कर सकता है।

ध्यान रखें कि इससे पहले किसी भी उपाय की शुरुआत करने से पहले, व्यक्ति को एक चिकित्सक या आध्यात्मिक गुरु से सलाह लेना उचित है।

भय लगना – हनुमान चालीसा का पाठ करना एक पौराणिक उपाय है जो भय और डर को दूर करने में मदद कर सकता है। हनुमान चालीसा के पवित्र शब्दों का अभ्यास करना व्यक्ति को आत्मशक्ति, सुरक्षा और शांति का अहसास करा सकता है। यह भयानक स्थितियों या सुनसान सड़कों पर होने वाली घटनाओं से सुरक्षित रहने में मदद कर सकता है।

Bhoot बाधा से निवारण– जिन लोगों को भी भूत बाधा होती है या उनके घर में कोई bhoot बाधा है तो उन्हें प्रतिदिन 10 बार कम से कम हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए और हनुमान जी से चालीसा के अंत में bhoot निवारण के लिए प्रार्थना करनी चाहिए.

व्यापार में वृद्धि

हनुमान चालीसा का पाठ व्यापार में वृद्धि और सफलता की कवच बना सकता है। सुबह हनुमान चालीसा का 3 बार पाठ करना और उसके बाद हनुमान जी से प्रार्थना करना, यह एक शक्तिशाली आदत हो सकती है जो व्यापारिक स्थिति में सुधार करने में मदद कर सकती है।

इस अभ्यास के माध्यम से लोग अपने व्यापार में नए उत्साह और परिश्रम को अधिक सामर्थ्यपूर्ण रूप में ला सकते हैं और आने वाली चुनौतियों को सफलता में बदल सकते हैं। इसके साथ ही, उन्हें सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्म-संयम की भी आवश्यकता होती है ताकि वे सही दिशा में काम कर सकें।

अच्छे स्वास्थ्य की प्राप्ति – जिन भी भाई या बहन को शरीर में कोई रोग है जो ठीक नहीं हो रहा है दवाई से उन्हें रोज 3 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए. इसके बाद 108 बार “नासै रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा” चौपाई का चिंतन करना चाहिए. ये सब करने के बाद आखरी में अच्छे स्वास्थ्य की कामना करें बजरंगबली जी से.

Hanuman Chalisa से बेहतर Result कैसे पाएं

दोस्तों जब आध्यात्म की बात आती है या जीवन में भी कोई लक्ष्य प्राप्त की बात आती है तो एकाग्रता बहुत आवश्यक है.

इसलिए हनुमान चालीसा से बेहतर result पाने के लिए आपको एकाग्रता के साथ इसका पाठ करना होगा.

वैसे तो हनुमान चालीसा siddh चालीसा है इसलिए बिना ध्यान लगाए भी अगर आप paath करें तो आपको फायदा जरूर होगा लेकिन यह भी सत्य है कि जितनी ज्यादा एकाग्रता और भाव के साथ आप इसका पाठ करेंगे उतनी जल्दी और उतना अच्छा result आपको मिलेगा

मेरा सुझाव यही है कि पहले आप पूरी हनुमान चालीसा को अच्छे से याद कर ले meaning के साथ यह करना मैं आपको 10 दिन से एक महीना तक लगता है.

रोज निरंतर याद करने के साथ-साथ चालीसा का पाठ भी करते रहे.

एक समय आएगा जब आपको chalisa अच्छे से याद हो जाएगा फिर आप हर चौपाई से संबंधित चित्र अपने मस्तिष्क में लाएं. ऐसा करने के लिए आप अपनी कल्पना शक्ति का प्रयोग कर सकते हैं.

उदाहरण के तौर पर

“प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माही, 
जलधि लाँघि गए अचरज नाही” 

इस चौपाई में आप हनुमान जी की फोटो देखे मुंह में राम जी की अंगूठी लि हुई. आप कल्पना भी कर सकते हैं कि बजरंगबली समुद्र तट से छलांग मार के उड़ रहे हैं.

Full Hanuman Chalisa PDF in hindi

Hanuman chalisa मैं अलग-अलग चौपाई का पाठ करते हुए अगर आप उसका चलचित्र अपने दिमाग में चलाएं तो आपको ज्यादा लाभ होगा.

क्योंकि यहां पर आपकी पूरी एकाग्रता हनुमान चालीसा में ही लगी हुई होगी.

आखरी में इतना ध्यान जरूर रखे कि मांस और मदिरा का त्याग करना अनिवार्य है.

 

 


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