Sankatmochan Hanuman Ashtak 2024

Sankatmochan Hanuman Ashtak 2024:

संकटमोचन हनुमान अष्टक: यह एक भक्ति स्तोत्र है, जिसमें भगवान हनुमान की प्रशंसा है और इसे हिंदू पौराणिक कथाओं में भक्ति, शक्ति, और प्रतिबिम्ब माना जाता है। अष्टक (जिसका अर्थ है “आठ छंद”) इसमें आठ छंदों या श्लोकों का समाहार करता है, जो भक्तों को भगवान हनुमान के आशीर्वाद से सभी संघर्षों और कठिनाइयों से मुक्ति प्रदान करने का आशीर्वाद देने के लिए पढ़े जाते हैं।

Sankatmochan Hanuman Ashtak 2024

अष्टक के प्रत्येक श्लोक में भगवान हनुमान के अनेक गुणों का वर्णन किया गया है, जो उनके भक्तों के लिए प्रेरणा स्रोत बनते हैं और उन्हें उनकी दुर्गति से मुक्ति प्राप्त करने में सहायक होते हैं।

 

संकटमोचन हनुमान अष्टक: Hanuman Ashtak Lyrics in hindi

॥ हनुमानाष्टक ॥
बाल समय रवि भक्षी लियो तब,
तीनहुं लोक भयो अंधियारों ।
ताहि सों त्रास भयो जग को,
यह संकट काहु सों जात न टारो ।
देवन आनि करी बिनती तब,
छाड़ी दियो रवि कष्ट निवारो ।
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो (२)

 

 

बालि की त्रास कपीस बसैं गिरि,
जात महाप्रभु पंथ निहारो ।
चौंकि महामुनि श्राप दियो तब,
चाहिए कौन बिचार बिचारो ।
कैद्विज रूप लिवाय महाप्रभु,
सो तुम दास के सोक निवारो
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो (२)

अंगद के संग लेन गए सिय,
खोज कपीस यह बैन उचारो ।
जीवत ना बचिहौ हम सो जु,
बिना सुधि लाये इहाँ पगु धारो ।
हेरी थके तट सिन्धु सबै तब,
लाए सिया-सुधि प्राण उबारो
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो (२)

रावण त्रास दई सिय को सब,
राक्षसी सों कही शोक निवारो ।
ताहि समय हनुमान महाप्रभु,
जाए महा रजनीचर मारो ।
चाहत सीय असोक सों आगि सु,
दै प्रभु-मुद्रिका शोक निवारो
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो (२)

बान लग्यो उर लछिमन के तब,
प्राण तजे सुत रावन मारो ।
लै गृह बैद्य सुषेन समेत,
तबै गिरि द्रोण सु बीर उपारो ।
आनि सजीवन हाथ दई तब,
लछिमन के तुम प्रान उबारो
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो (२)

रावन युद्ध अजान कियो तब,
नाग कि फाँस सबै सिर डारो ।
श्रीरघुनाथ समेत सबै दल,
मोह भयो यह संकट भारो |
आनि खगेस तबै हनुमान जु,
बंधन काटि सुत्रास निवारो
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो (२)

बंधु समेत जबै अहिरावन,
लै रघुनाथ पताल सिधारो ।
देबिहिं पूजि भलि विधि सों बलि,
देउ सबै मिलि मन्त्र विचारो ।
जाय सहाय भयो तब ही,
अहिरावन सैन्य समेत संहारो
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो (२)

Sankatmochan Hanuman Ashtak PDF 2024

 

काज किये बड़ देवन के तुम,
बीर महाप्रभु देखि बिचारो ।
कौन सो संकट मोर गरीब को,
जो तुमसे नहिं जात है टारो ।
बेगि हरो हनुमान महाप्रभु,
जो कछु संकट होय हमारो
को नहीं जानत है जग में कपि,
संकटमोचन नाम तिहारो (२)

॥ दोहा ॥
लाल देह लाली लसे,
अरु धरि लाल लंगूर ।
वज्र देह दानव दलन,
जय जय जय कपि सूर ॥

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हनुमान अष्टक के लाभ :

हनुमान अष्टक, बजरंगबली को समर्पित एक स्तोत्र है, जिसके पाठ से अनेक लाभ प्राप्त होते हैं।

आध्यात्मिक लाभ:

  • संकटों से मुक्ति: हनुमान अष्टक का पाठ करने से जीवन के सभी संकटों और बाधाओं से मुक्ति मिलती है।
  • भय से मुक्ति: भय, नकारात्मक विचारों और ऊर्जाओं से मुक्ति पाने के लिए हनुमान अष्टक का पाठ अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।
  • आत्मबल में वृद्धि: हनुमान जी की शक्ति और पराक्रम से प्रेरणा मिलती है, जिससे आत्मबल और आत्मविश्वास में वृद्धि होती है।
  • मन की शांति: हनुमान अष्टक का पाठ मन को शांति और स्थिरता प्रदान करता है।
  • भक्ति भाव में वृद्धि: हनुमान जी के प्रति भक्ति भाव और समर्पण में वृद्धि होती है।

भौतिक लाभ:

  • सुख-समृद्धि: हनुमान अष्टक का पाठ जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता लाता है।
  • रोगों से मुक्ति: हनुमान जी को रोगों का नाश करने वाला माना जाता है। हनुमान अष्टक का पाठ करने से स्वास्थ्य में सुधार होता है।
  • शत्रु पर विजय: हनुमान जी को शत्रुओं का नाश करने वाला माना जाता है। हनुमान अष्टक का पाठ करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।
  • विद्या और बुद्धि में वृद्धि: हनुमान जी को ज्ञान का देवता भी माना जाता है। हनुमान अष्टक का पाठ करने से विद्या और बुद्धि में वृद्धि होती है।

हनुमान अष्टक( Hanuman Ashtak) पाठ करने का समय:

  • मंगलवार हनुमान जी का दिन माना जाता है, इसलिए इस दिन हनुमान अष्टक का पाठ करना विशेष रूप से लाभकारी होता है।
  • इसके अलावा, आप किसी भी दिन, सुबह या शाम को स्नान करके, हनुमान जी की प्रतिमा के सामने बैठकर हनुमान अष्टक का पाठ कर सकते हैं।

हनुमान अष्टक( Hanuman Ashtak) पाठ करने की विधि:

  • हनुमान जी की प्रतिमा के सामने बैठकर दीप प्रज्वलित करें।
  • हनुमान जी को फूल, चंदन, फल, मिठाई आदि चढ़ाएं।
  • हनुमान अष्टक का पाठ धीमी गति से और स्पष्ट उच्चारण के साथ करें।
  • पाठ करने के बाद हनुमान जी की आरती करें।

हनुमान अष्टक का पाठ एक सरल और प्रभावी उपाय है, जिसके द्वारा आप जीवन में अनेक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

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